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गली गली सज गई शहर शहर सज गया | जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे / Gali Gali Saj Gai Shahar Shahar Saj Gaya | Jo Amina Ke Laal Ka Milad Karenge (Part 1 | Part 2)

गली गली सज गई, शहर शहर सज गया आए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार है हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगे जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! झंडे लगाओ ! घर को सजाओ ! कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ ! सरकार आए ! मरहबा ! दिलदार आए ! मरहबा ! ग़म-ख़्वार आए ! मेरे लज-पाल आए ! मरहबा ! क्या नूर है, ख़ुश्बू है, उजालों का समाँ है सरकार के परचम से सजा सारा जहाँ है चेहरे भी सजे, दिल भी सजे, घर भी सजे हैं जो सज न सका ये तो बता घर वो कहाँ है गली गली सज गई, शहर शहर सज गया आए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार है हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगे जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ...

सालार-ए-सहाबा वो पहला ख़लीफ़ा | सरकार का प्यारा सिद्दीक़ हमारा | हर सुन्नी का नारा सिद्दीक़ हमारा / Salar-e-Sahaba Wo Pehla Khalifa | Sarkar Ka Pyara Siddiq Hamara | Har Sunni Ka Pyara Siddiq Hamara

अना मजनून, मजनून, मजनूनु-सिद्दीक़ अना मजनून, मजनून, मजनूनु-सिद्दीक़ परवाने को चराग़ तो बुलबुल को फूल बस सिद्दीक़ के लिए है ख़ुदा का रसूल बस सालार-ए-सहाबा, वो पहला ख़लीफ़ा सरकार का प्यारा, सिद्दीक़ हमारा हर सुन्नी का ना'रा, सिद्दीक़ हमारा मुस्तफ़ा का हम-सफ़र ! अबू-बकर अबू-बकर ! गली-गली नगर-नगर ! अबू-बकर अबू-बकर ! लुटाया जिस ने अपना घर ! अबू-बकर अबू-बकर ! नहीं है जिस को कोई डर ! अबू-बकर अबू-बकर ! है चर्चे जिस के 'अर्श पर ! अबू-बकर अबू-बकर ! लगेगा नारा फ़र्श पर ! अबू-बकर अबू-बकर ! दुनिया-ए-सदाक़त में तेरा नाम रहेगा सिद्दीक़ तेरे नाम से इस्लाम रहेगा सालार-ए-सहाबा, वो पहला ख़लीफ़ा सरकार का प्यारा, सिद्दीक़ हमारा हर सुन्नी का ना'रा, सिद्दीक़ हमारा हर नस्ल तेरे काम की तजदीद करेगी जब तक रहेगी दुनिया तेरा नाम रहेगा सालार-ए-सहाबा, वो पहला ख़लीफ़ा सरकार का प्यारा, सिद्दीक़ हमारा हर सुन्नी का ना'रा, सिद्दीक़ हमारा मुस्तफ़ा का हम-सफ़र ! अबू-बकर अबू-बकर ! गली-गली नगर-नगर ! अबू-बकर अबू-बकर ! लुटाया जिस ने अपना घर ! अबू-बकर अबू-बकर ! नहीं है जिस को कोई डर ! अबू-बकर अबू-बकर ! है चर्...

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रखूँगा रमज़ान में / Insha-Allah Sare Roze Rakhunga Ramzan Mein (Part 1 | Part 2)

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान में नमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! नन्हे नन्हे बच्चे जब वक़्त-ए-सहरी उठते हैं बैठ के घर वालों के संग प्यार से सहरी करते हैं रोज़ा-कुशाई बच्चों की करवाऊँगा रमज़ान में रोज़ा-कुशाई बच्चों की करवाऊँगा रमज़ान में इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान में नमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! लुत्फ़-ओ-करम की बारिश होती है माह-ए-रमज़ान में या'नी गुनह की बख़्शिश होती है माह-ए-रमज़ान में फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से मैं भी बख़्शा जाऊँगा रमज़ान में फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से मैं भी बख़्शा जाऊँगा रमज़ान में इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान में नमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान ! मैं भी शहरी में उठ के, तौबा करूँगा रो रो के ज़िक्र ख़ुदा का कर कर के, क़ुरआन मुक़द्दस पढ़ पढ़ के रब्ब-ए-दो-'आलम की रहमत को पाऊँगा रमज़ान में रब्ब-ए-दो-...

इंशा-अल्लाह बकरा ईद पे क़ुर्बानी करनी है / Insha Allah Bakra Eid Pe Qurbani Karni Hai

'ईद-ए-क़ुर्बां आई है, 'ईद-ए-क़ुर्बां आई है इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है मवेशी-मंडी में इस बार भी जाएँगे और प्यारा जानवर हम ले कर आएँगे इब्राहीमी सुन्नत को दिल से अदा कर के हम अपने मौला को राज़ी कर पाएँगे निशानी है वफ़ा की और इक ने'मत है क़ुर्बानी ख़ुदा के दोस्त इब्राहीम की सुन्नत है क़ुर्बानी इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है रह-ए-हक़ में चले बेटे को क़ुर्बां करने इब्राहीम वफ़ा को नाज़ है और क़ाबिल-ए-मिदहत है क़ुर्बानी इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है है चेहरों पर ख़ुशी और दिल में है ईसार का जज़्बा कि बंदो के लिए अल्लाह की रहमत है क़ुर्बानी इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है मेरे सरकार ने क़ुर्बानी ख़ुद फ़रमाई हाथों से मेरे सरकार की कितनी हसीं सुन्नत है क़ुर्बानी इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़ुर्बानी करनी है इंशा-अल्लाह, बकरा-'ईद पे क़...